Monday

परिचय

freeblogcreate.blogspot.com (अभिव्‍यक्ति) की जरूरत क्‍यों ?

संचार
युग में नई तकनीक के साथ चलने पर ब्लॉग वेबसाइटस से परिचय होना ही होता है। ऐसी सूरत में ब्लॉग वेबसाइट क्या हैं? इनको किन उद्देश्यों को
लेकर लिखा जाता है? लिखने के क्या लाभ हैं? और सबसे बड़ा सवाल उठता है कि क्या मैं भी यह कर सकता हूं?

अगर हां तो कैसे?

''अभिव्यक्ति'' अर्थात htpp://freeblogcreate.blogspot.com का इन्हीं सब सवालों के समाधान निमित्त अभ्युदय हुआ है। खासकर तब जब अंतरजाल में ढेरों जानकारियां मौजूद हों।

इसकी भी एक खास वजह है। वह यह कि ये ढेरों जानकारियां सिर्फ और सिर्फ अंग्रेजी भाषा में मौजूद हैं। हिन्दी भाषी समुदाय का ज्यादातर तबका अंग्रेजी की आसान समझ से दूर ही रहता है। इसी कारण उसके लिए ये मौजूद जानकारियां निरर्थक-सी रहती हैं। वह समझने का यत्‍न करता है फिर भी पूरा नहीं समझ पाता। अपने को अभिव्यक्त करने के लिए उसकी अभिव्यक्ति किसी ऐसे साथी की तलाश करती रहती है जो उसकी समझ के अनुसार उसे सब कुछ धीरे-धीरे सीखा सके। बस........ इसीलिए ''अभिव्यक्ति'' का उपक्रम किया गया है।

''अभिव्यक्ति'' हिन्दी भाषी समुदाय के लिए निर्मित एक मंच है। यहां ब्लॉग के विषय में प्रारंभिक उपलब्ध कराने का प्रयास है। यहां मन-मस्तिष्क में उपजे सभी सवालों के साधारण भाषा में प्रत्युत्तर हैं।
यहां ब्लॉग का निर्माण कैसे किया जाए, कदम-दर-कदम सरल तरीके से व्याख्या है। हिन्दी ब्लॉग के निर्माण में ''अभिव्यक्ति'' एक सहयोगी की भूमिका निभा सका तो यह सौभाग्य होगा।
इस मंच पर ब्लॉग के निर्माण में काम आने वाले उपकरणों, नित नये होते प्रयोगों तथा ब्लॉग विकास से संबंधित संपर्कों का उल्लेख भी आपको मिलेगा।

हिन्दी भाषी लोगों की इस 'ब्लॉग निमाणार्थ निर्देशन' समस्या के निमित्त अनेक साथियों ने सकारात्मक प्रयास किए हैं। उनके प्रयास सराहनीय हैं। वे निरंतर अपनी ऊर्जा को जन के प्रति समर्पित कर रहे हैं। नये लिंक और नये प्रयोगों का हवाला देते हुए अपने मंच को वे नित्य विकसित करते जा रहे हैं। इससे काफी लाभ भी हुआ है। यह ''अभिव्यक्ति'' उन्हीं साथियों को सादर समर्पित।

पहले से मौजूद मंचों पर हमें एक रिक्तता जरूर महसूस हुई और वह यह कि जिनके पास पहले से कुछ ज्ञान हो, वही उनके प्रयोगों से भली-भांति जुड़ सकता है। और जो कुछ नहीं जानता, मतलब पहली कक्षा का विद्यार्थी है वह?
हमारे प्रयास इसी दिशा में हैं। यहां सिर्फ शुरूआती चरणों की शिक्षा है। इनके माध्‍यम से ब्‍लॉग की दुनिया में प्रवेश आसानी से किया जा सकता है। आगे से आगे चलने के लिए कई सपंर्कों का हम उल्‍लेख करेंगे, उन पर जाकर नित्‍य प्रति गुणवत्‍ता मिलती चलेगी।
आशा है ''अभिव्यक्ति'' के प्रयास आपको पसंद आएंगे।


प्रतिक्रिया तथा सुझाव-सलाह तो जरूरी होते ही हैं, इंतजार रहेगा।

अगले टॉपिक पर सीधे जाने के लिए यहां क्लिक करें- अगला अध्याय दिखाएं

ब्‍लॉग क्‍या है ?

यत्र-तत्र बिखरी जानकारियों विभिन्न समाचारों से ब्लॉग का नाम सुनते-सुनते स्वाभाविक रूप से मन-मस्तिष्‍क में जिज्ञासा उठती है कि यह ब्लॉग आखिर है क्या ?

सीधा-सीधा समझें कि साइबर (इंटरनेट) दुनिया का एक आधुनिक उत्पाद है- 'ब्लॉग`

ब्लॉग 'BLOG' का विस्तारित अर्थ है- web + log वैब लॉग।

व्युत्पत्ति की दृष्टि से देखें तो web का अर्थ होता है- बनावट, थान, जाली, मकड़ी का जाला, जल पक्षिओं के पंजे की किल्ली आदि, तथा log का अर्थ होता है- लकड़ी का कुंदा, लकड़ी का लट्ठा।
इस प्रकार सामान्य अर्थ ग्रहण करें तो हुआ, लकड़ी के लट्ठे पर की गई बनावट।

परंतु ब्लॉग को अंतरजाल की भाषा में समझना जरूरी है। मेरी दृष्टि में ब्लॉग विभिन्न सोफ्टवेयर के माध्यम से इंटरनेट पर संचालित वह डायरी है, जिसको लोग नित्य-प्रति लिखते हुए एक-दूसरे के साथ बांटतें रहते हैं।


संरचना के आधार पर ब्लॉग की विभिन्न परिभाषाएं भी दी गई हैं-

blog - read, write, or edit a shared on-line journal

अर्थात् ब्लॉग पढ़ने, लिखने या संपादित करके ऑनलाइन साझा करने वाली पत्रिका है।

blog - web log: a shared on-line journal where people can post diary entries about their personal experiences and hobbies.
अर्थात् एक ऑन लाइन पत्रिका जहां साझा लोग अपने निजी अनुभव और शौक के बारे में डायरी प्रविष्टियां संपादित करते हैं।

A blog (a contraction of the term weblog) is a type of website, usually maintained by an individual with regular entries of commentary ...
एक ब्लॉग (वेबलॉग शब्द का संकुचन) वेबसाइट का एक प्रकार है, आमतौर पर टिप्पणी की नियमित प्रविष्टियों के समूह के साथ एक व्यक्ति इसे बनाए रखता है।

blog - An online journal, short for 'web log'. Entries are published in reverse chronological order.
अर्थात् ब्लॉग एक ऑनलाइन पत्रिका है जो वेबलॉग का संक्षिप्त रूप है। जिस पर कालानुक्रमिक रूप से प्रविष्ठियां संपादित की जाती हैं।

blog - a journal or diary that is posted on the Internet.
अर्थात् ब्लॉग एक पत्रिका या डायरी है जो इंटरनेट पर प्रकाशित की जाती है।

इस प्रकार ब्लॉग इंटरनेट पर अभिव्यक्ति प्रदान करने का सशक्त माध्यम है, जिसके द्वारा अपने भावों का प्रकाशन किया जा सकता है।

एक चिंतक की दृष्टि में यह भी परिभाषा है-
BLOG = Better Listing Over Google


तकनीक ने ब्लॉग के साथ विकास किया तथा ब्लॉग के अंदर फोटो, विडियो-ऑडियो का भी प्रकाशन संभव बनाया है। प्रचार युग के साथ विज्ञापन दिखलाने वाले माध्यमों में भी ब्लॉग तेजी से शुमार हुआ है। विज्ञापनों के माध्यम से ब्लॉगर को आमदनी भी हो रही है।

यहां एक नया शब्द आता है- ब्लॉगर। यह क्या होता है?
एक
दृष्टि में
blogger - a person who keeps and updates a blog. अर्थात् वह व्यक्ति जो ब्लॉग को अद्यतन रखता है। इस प्रकार ब्लॉग के रचयिता हेतु ब्लॉगर शब्द ही प्रयोग में लिया जाता है।
वहीं blogging का अर्थ ब्‍लॉग पर एक पोस्‍ट लिखने के कार्य से व blogosphere का अर्थ ब्‍लॉग्‍स व ब्‍लॉर्ग्‍स के बीच के ऑनलाइन समुदाय से लिया जाना चाहिए।

अगले टॉपिक पर सीधे जाने के लिए यहां क्लिक करें- अगला अध्याय दिखाएं

ब्‍लॉग क्‍यों लिखा जाता है ?

अंतरजाल पर अपनी अभिव्यक्ति के प्रस्तुतीकरण का ब्लॉग बेहतर विकल्प है। यह समझने के बाद यह जान लेना जरूरी है कि आज ब्लॉग क्यों लिखे जा रहे हैं? मतलब व्यक्ति ब्लॉग लगातार क्यों लिखते जा रहे हैं।
व्यक्ति घर में हो या घर से बाहर अपनी अभिव्यक्ति के प्रति वह सक्रिय रहता है। लेखन, चित्रकारी, फोटोग्राफी, व्याख्यान आदि अभिव्यक्ति के ही माध्यम हैं। कुछ व्यक्ति सामान्य होते हैं तो कुछ विशेष। कई अपनी अभिव्यक्ति की सृजना को साक्षात स्वरूप प्रदान करने में माहिर होते हैं तो कई वह लक्ष्य प्राप्त नहीं कर सकते। वाचाल और तीव्र प्रवृत्ति के लोगों को छोड़ें, सामान्य प्रकृति के लोगों के लिए तो कम्प्यूटर युग आने के बाद एक मायने में अभिव्यक्ति प्रगटीकरण के अवसर घटे हैं। कामकाजी व्यक्ति डाटा संग्राहक बन गया और वह दिन-रात कम्प्यूटर के आगे बैठा रहने लगा। घर-परिवार, समाज में उसकी भागीदारी कम हुई। यहां तक कि वह खुद भी बेजुबान होकर यंत्रवत हो गया। उसकी आंखें स्क्रीन और हाथ की-बोर्ड तक सिमट कर रह गये।
और तो और लेपटॉप जैसी तकनीक आने के बाद तो वह हर समय व्यस्त हो गया। यहां तक की यात्राएं भी वह लैपटॉप के बिना न कर सकने की स्थिति में आ गया। ज्ञान बढ़ा पर ज्ञान विसर्जन के अवसर घटे। बातें काफी जानी मगर बांटने के अवसर खत्म हो गये। यह एक विडम्बना थी।
तकनीक से विकास होता है, क्षणिक ही सही अभिव्यक्ति माध्यम ने इसे झूठलाया। तकनीक से जुड़े विशेषज्ञों ने भी इस बात को समझा। और यहीं से सिलसिला शुरू हुआ- ब्लागिंग का।
और आज अभिव्यक्ति के एक सशक्त माध्यम का नाम ब्लॉग है।


ब्लॉग लिखने के उद्देश्य -

ब्लॉग लिखने के उद्देश्य क्या हो सकते हैं। क्या मात्र अभिव्यक्ति? या फिर कुछ दूसरे।
ब्लॉग कई उद्देश्यों को लेकर लिखा जाता है। जिसमें अभिव्यक्ति सर्वोपरि उद्देश्य होता है।
व्यापार, ज्ञान-संप्रेषण, सार्वजनिक मदद, राजनीति, साहित्यिक क्रियाशीलता, पेंटिंग प्रदर्शन, आमदनी के साथ-साथ अपनी योग्यता प्रदर्शक के रूप में भी ब्लॉग को काम में लिया जाता है।
अपने क्षेत्र के विस्तारक रूप में ब्लॉग काफी मददगार सिद्ध हुआ है।
यही नहीं काफी लोगों से जुड़ना भी ब्लॉग का एक उद्देश्य हो सकता है।
वहीं अपनी बात की गुणवता का वास्तविक आकलन करने का सफल मंच भी ब्लॉग है।
जानकारियों का संप्रेषण, सूचनाओं का आदान-प्रदान आदि उद्देश्य तो सदैव से ब्लॉग के साथ जुड़े रहे हैं।
इनके अलावा भी नित्य-प्रति ब्लॉगिंग एक मनोरंजन भी है।


ब्लॉग के लाभ -

उद्देश्यों की सम्प्राप्ति अच्छे ब्लागर की पहचान है। एक मायने में उद्देश्यों की प्राप्ति के प्रतीक ही ब्लॉग के लाभ हैं-
ब्लॉग के माध्यम से व्यक्ति अपने को अभिव्यक्त कर सकता है।
अपनी रुचि की पूर्ति ब्लॉग के माध्यम से की जा सकती है। जैसे साहित्यकार कविता, कहानियां, आलेख आदि लिखकर अपनी रुचि की पूर्ति कर सकता है। वहीं चित्रकार अपनी पेंटिग्स ब्लॉग पर डाल सकता है।
ब्लॉग से सीमित दायरे का विस्तार संभव है। देश की सीमाओं को लांघकर ब्लॉग वैश्विक ऊंचाईयों को छूता है।
अपनी जानकारियों एवं ज्ञान का वितरण संभव है।
वहीं अपनी अभिव्यक्ति पर सामने से प्रतिक्रियाएं प्राप्त की जा सकती है। यानि कि आत्म-मूल्यांकन का ब्लॉग एक सशक्त माध्यम है।
विशेषज्ञ व्यक्ति अपनी विशेषज्ञता से काफी लोगों का भला कर सकता है। यथा एक डॉक्टर की ब्लॉग।
व्यापारिक ब्लॉग के माध्यम से अपने व्यापार, उत्पाद के संबंध में पूरी जानकारी दी जा सकती है। बाजार का प्रसार किया जा सकता है।
राजनीतिक ब्लॉग के माध्यम से नेता मतदाताओं एवं नागरिकों से सीधा जुड़ सकता है।
अन्यान्य गतिविधियों से जुड़े लोग विचारों का आदान-प्रदान कर सकते हैं।
जुड़ाव का ब्लॉग एक बहाना बन सकता है। ब्लॉग के माध्यम से संपर्कों का विस्तार संभव है।
इन सबके साथ ब्लॉग का लाभ यह है कि अपने भावों-विचारों एवं कला को प्रदर्शित करने के बाद आत्मसंतुष्टि की प्राप्ति होती है।

अगले टॉपिक पर सीधे जाने के लिए यहां क्लिक करें- अगला अध्याय दिखाएं